नागदा विधानसभा चुनाव में भी हुई धांधली? पूर्व विधायक दिलीप गुर्जर ने किया बड़ा खुलासा
शैहरोज कुरैशी जिला ब्यूरो
उज्जैन।नागदा-खाचरौद विधानसभा क्षेत्र में 2023 के विधानसभा चुनावों को लेकर वोटर लिस्ट में धांधली का आरोप फिर से उठने लगा है। कांग्रेस नेता राहुल गांधी द्वारा चुनावी वोटर लिस्ट में गड़बड़ी का मुद्दा उठाने के बाद इस मामले में पूर्व विधायक दिलीप सिंह गुर्जर ने भी बड़ा खुलासा किया है। गुर्जर ने कहा कि 2017-18 के विधानसभा चुनावों से पहले ही उन्होंने फर्जी वोटर लिस्ट को लेकर प्रशासन को सूचित किया था और तब 18,000 से अधिक फर्जी मतदाताओं को वोटर लिस्ट से हटवाया गया था। उनका कहना है कि 2023 के विधानसभा चुनाव में भी वही फर्जीवाड़ा हुआ है। जब उन्होंने फर्जी वोटर हटाने का प्रयास किया तो प्रशासन ने इसे रोक दिया, जिसके कारण चुनाव में बड़ी हार का सामना करना पड़ा। पूर्व विधायक ने स्पष्ट किया कि वह इस मुद्दे को फिर से जोर-शोर से उठाएंगे और न्याय की मांग करेंगे। उन्होंने प्रशासन से फर्जी वोटर लिस्ट को सुधारने और निष्पक्ष चुनाव कराने की अपील भी की है। यह मामला आगामी चुनावी राजनीति में नया विवाद बन सकता है।
*माटी गणेश सिद्ध गणेश कार्यक्रम का सफल आयोजन ग्राम झारविड़ा में*सिवनी मालवा नर्मदापुरम क्षेत्र से काजल रघुवंशी की आज की खास रिपोर्ट
आज दिनांक 18/08/2025 दिन सोमवार मध्य प्रदेश जन अभियान परिषद योजना आर्थिक एवं सांख्यिकी विभाग मध्य प्रदेश शासन द्वारा चलाए जा रहे माटी गणेश सिद्ध गणेश कार्यक्रम को नवांकुर संस्था ग्राम विकास प्रस्फुटन समिति गाजनपुर के द्वारा सेक्टर क्रमांक 04 मालापाट के अंतर्गत आने वाली ग्राम विकास प्रस्फुटन समिति झाड़बीड़ा के श्री गजानंद पब्लिक स्कूल में विकास खण्ड समन्वयक श्री हरिदास जी दायमा के आदेशानुसार किया गया। कार्यक्रम में नवांकुर संस्था जीवन दायनी समाज सेवा समिति, ग्राम विकास प्रस्फुटन समिति गाजनपुर अध्यक्ष श्री सुनील सिंगोरिया जी, शाला प्राचार्य श्री हरिसिंह राजपूत जी ग्राम विकास प्रस्फुटन समिति झाड़बीड़ा के सदस्य कालूराम प्रजापति जी, प्रेमनारायण राजपूत जी, मंगल सिंह राजपूत जी, गुलशन साध जी, कमलेश राजपूत जी, शिक्षिका शिवानी राजपूत जी, आरती भिलाला जी, वैष्णवी राजपूत जी, पायल राजपूत जी CMCLDP परामर्शदाता श्री नर्मदा प्रसाद यदुवंशी जी एमएसडब्ल्यू छात्रा काजल उपस्थित रहे। विद्यालय के छात्र छात्राएं गौरभ राजपूत, संस्कृति राजपूत, दीक्षा राजपूत, तनूश्री, पीहू राजपूत, विनित लौवंशी एवं जिया रघुवंशी ने मिट्टी के श्री गणेश जी की मूर्ति बनाई। परामर्शदाता नर्मदा प्रसाद यदुवंशी जी ने बच्चों को सिद्ध गणेश की परिभाषा को सरल भाषा में समझाया। माटी गणेश स्थापित करने का मुख्य उद्देश्य पर्यावरण संरक्षण और जल स्रोतों की स्वच्छता है। मिट्टी से बनी गणेश प्रतिमाएं पर्यावरण के अनुकूल होती हैं और विसर्जन के बाद मिट्टी में आसानी से मिल जाती हैं, जिससे प्रदूषण नहीं होता है. इसके अतिरिक्त, मिट्टी की प्रतिमाएं स्थापित करने से सुख-समृद्धि में वृद्धि होती है और घर में सकारात्मक ऊर्जा का संचार होता है, एवं नवांकुर संस्था अध्यक्ष सुनील सिंगोरिया जी द्वारा बताया गया POP हमारे वातावरण, स्वास्थ्य एवं पर्यावरणिय - जलीय जीवों के लिए हानिकारक है। माटी गणेश • सिद्ध गणेश "पर्यावरण की रक्षा और परंपरा का सम्मान – यही है हमारी सच्ची श्रद्धा।" इस गणेश चतुर्थी पर आइए माटी गणेश की स्थापना करें – जहाँ मिट्टी से बने गणपति बप्पा हमें प्रकृति से जुड़ने की प्रेरणा देते हैं। और सिद्ध गणेश का आशीर्वाद हमें आत्मबल, स्वदेशी संकल्प और जनसेवा की राह पर अग्रसर करता है यह न केवल पर्यावरण के अनुकूल है, बल्कि धार्मिक और आध्यात्मिक रूप से भी शुभ माना जाता है। मिट्टी की मूर्ति में भगवान गणेश का वास माना जाता है। इसी क्रम में श्री गजानंद पब्लिक स्कूल परिसर में पर्यावरण की स्वच्छता व सुद्धता को बनाए रखने के लिए पौधारोपण किया गया।इस प्रकार के भाव के साथ
सभी की उपस्थिति में कार्यक्रम सम्पन्न हुआ।
जिलाधिकारी की पहल, शिक्षक संकुल के तर्ज पर जनपद में आयोजित होगा आंगनवाड़ी संकुल
जिलाधिकारी मधुसूदन हुल्गी ने बाल विकास एवं पुष्टाहार विभाग की योजनाओं से लाभार्थियों को त्वरित लाभान्वित करने और आंगनवाड़ी कार्यकत्रियों को अपने दायित्वों/कार्यों को और कुशलता से क्रियान्वित करने के लिए, उन्हें सक्षम बनाने के उद्देश्य से अभिनव पहल करते हुए सभी सी.डी.पी.ओ. को शिक्षक संकुल के तर्ज पर प्रत्येक माह की तृतीय मंगलवार एवं तृतीय बृहस्पतिवार को सेक्टरवार आंगनवाड़ी संकुल आयोजित करने के निर्देश दिए है।
निगरानी एवं गुणवत्ता में होगा और सुधार
जिलाधिकारी ने कहा कि “आंगनवाड़ी संकुल व्यवस्था से निगरानी एवं गुणवत्ता में सुधार होगा। इससे कुपोषण उन्मूलन, महिला सशक्तिकरण तथा बाल विकास की दिशा में ठोस परिणाम प्राप्त होंगे।”
➡️ आंगनवाड़ी संकुल क्या है?
आंगनवाड़ी संकुल, एक सेक्टर के अंतर्गत आने वाले आंगनवाड़ी केन्द्रों का समूह होता है। आंगनवाड़ी केन्द्रों को मिलाकर एक संकुल का गठन किया जाता है।
➡️ संकुल की मुख्य भूमिकाएँ :
*पात्र लाभार्थियों का समय से पोषण ट्रैकर एप पर पंजीकरण,आंगनवाड़ी केन्द्रों के कार्यों की नियमित निगरानी एवं मूल्यांकन।
पोषण ट्रैकर एप पर आंगनबाड़ी केंद्र पर की जाने वाली सभी गतिविधियों की नियमित फीडिंग
*पोषण आहार वितरण, टीकाकरण, स्वास्थ्य परीक्षण एवं गर्भवती/धात्री महिलाओं की देखभाल सुनिश्चित करना।
*प्री-स्कूल शिक्षा गतिविधियों की गुणवत्ता में और सुधार लाना।
निर्धारित पाठ्यक्रम के अनुसार आंगनबाड़ी केंद्र पर आने वाले बच्चों को शाला पूर्व शिक्षा प्रदान करना
*आंगनवाड़ी कार्यकत्रियों एवं सहायिकाओं को प्रशिक्षण एवं मार्गदर्शन।
*केन्द्रों पर उपलब्ध संसाधनों का समुचित उपयोग करना।
*आंगनबाड़ी केंद्रों में बच्चों की उपस्थित पर विशेष ध्यान देना और पोषण ट्रैक्टर पर हाजिरी दर्ज करना
*बच्चों, गर्भवती महिलाओं और स्तनपान कराने वाली माताओं को मिलने वाली सुविधाओं की गुणवत्ता पर निगरानी बनाएं रखना।
➡️ संकुल स्तर पर की जाने वाली प्रमुख गतिविधियाँ :
*मासिक समीक्षा बैठक।
*पोषण एवं जन-जागरूकता कार्यक्रम।
*स्वास्थ्य विभाग के साथ समन्वय कर बच्चों का टीकाकरण एवं वी.एच.एस.एन.डी. सेशन को और अधिक प्रभावी बनाना।
*कुपोषित बच्चों की पहचान व देखभाल।
*महिला एवं बाल कल्याण से जुड़े अभियान।
➡️ जनपद की स्थिति :
जनपद में कुल 1775 आंगनवाड़ी केन्द्र क्रियाशील हैं उक्त केंद्र के सापेक्ष 56 संकुलों में विभाजित किया गया है। प्रत्येक संकुल की प्रगति की समीक्षा सी.डी.पी.ओ./सुपरवाइजर द्वारा की जाएगी।
यूपी से पवन मिश्रा की रिपोर्ट
जिलाधिकारी ने उच्च प्राथमिक विद्यालय एवं प्राथमिक विद्यालय तैयबपुर मंगौरा का किया आकस्मिक निरीक्षण
कौशांबी | जिलाधिकारी मधुसूदन हुल्गी ने आज उच्च प्राथमिक विद्यालय एवं प्राथमिक विद्यालय तैयबपुर मंगौरा का आकस्मिक निरीक्षण किया। जिलाधिकारी के द्वारा उच्च प्राथमिक विद्यालय तैयबपुर मंगौरा के निरीक्षण के दौरान नामांकित 74 बच्चों के सापेक्ष 61 बच्चे उपस्थित पाए गए। उन्होंने मध्याह्न भोजन की गुणवत्ता को चेक किया एवं प्रधानाध्यापक से कहा कि बच्चों को मानक के अनुसार गुणवत्तापूर्ण भोजन प्रदान किया जाय। जिलाधिकारी के द्वारा प्राथमिक विद्यालय तैयबपुर मंगौरा के निरीक्षण के दौरान नामांकित 172 बच्चों के सापेक्ष 146 बच्चे उपस्थित पाए गए। उन्होंने कक्षा-04 तथा कक्षा-05 में जाकर छात्र-छात्राओं से संवाद करते हुए गणित के सवाल पूछकर एवं अंग्रेजी की पुस्तक पढ़वाकर शिक्षा की गुणवत्ता को परखा, शिक्षा की गुणवत्ता ठीक पाई गई। उन्होंने टैबलेट में अंकित उपस्थिति का अवलोकन किया।
यूपी से पवन मिश्रा की रिपोर्ट
24 सूरत लोकसभा सांसद श्री मुकेश दलाल ने स्वास्थ्य, रसायन और उर्वरक कैबिनेट मंत्री श्री जे. पी. नड्डा से मुलाकात की और सूरत लोकसभा में अपने मंत्रालय के विभिन्न मुद्दों को प्रस्तुत किया।
उन्होंने कहा कि मेरे संसदीय क्षेत्र के ओलपाड के ग्रामीण इलाकों में किसान धान, गन्ना, सब्ज़ियाँ और कई अन्य फ़सलें बड़ी मात्रा में उगाते हैं। इस समय, जब बुआई का मौसम चल रहा है, उन्हें यूरिया खाद की भारी कमी का सामना करना पड़ रहा है। अगर समय पर यूरिया खाद उपलब्ध नहीं हुई, तो फसल बर्बाद हो जाएगी और ओलपाड के गरीब किसानों को भारी आर्थिक नुकसान होगा। इसलिए, अनुरोध है कि ये 7,000 बैग यूरिया खाद तुरंत उपलब्ध कराए जाएँ। मंत्री ने अधिकारियों को तत्काल कार्रवाई करते हुए ओलपाड के किसानों को 7,000 बैग यूरिया खाद तुरंत उपलब्ध कराने के निर्देश दिए। सूरत में केंद्र सरकार के कर्मचारियों के लिए चिकित्सा सुविधाओं के लिए लगभग 7300 कार्डधारक और लगभग 28 हजार सदस्य पात्र हैं। इसके अलावा, भरूच से उमरगाम तक लगभग 10,000 कार्डधारक और लगभग 40,000 सदस्य हैं। वर्तमान में, सूरत में इसके लिए एक भी चिकित्सा केंद्र (CGHS) नहीं है। इसलिए, इसका लाभ उठाने के लिए, सदस्यों को वडोदरा तक की यात्रा करनी पड़ती है, जो न केवल महंगा है, बल्कि वरिष्ठ और वरिष्ठ पद के नागरिकों के लिए बहुत दूर और असहनीय भी है। जिसके कारण वे इस लाभ से वंचित रह जाते हैं। इसके अलावा, यह सीजीएचएस सुविधा सूरत से छोटे शहरों और देश भर में सूरत की तुलना में अपेक्षाकृत कम कार्ड वाले शहरों में उपलब्ध है। सूरत में इसके लिए जगह भी है, इसलिए यदि सूरत में यह सीजीएचएस सुविधा शुरू की जाती है, तो पूरे दक्षिण गुजरात के लोगों को इसका लाभ मिलेगा। इसलिए, मैंने आपसे सूरत में सीजीएचएस की सुविधा तुरंत शुरू करने का अनुरोध किया है वर्तमान में, आवश्यक योग्यता होने के बावजूद, फेलोशिप प्राप्त कैंसर सर्जनों को ABPMJAY योजना के तहत पंजीकरण नहीं मिल रहा है। इस कारण वे कैंसर रोगियों की सेवा करने से वंचित रह जाते हैं। कैंसर का इलाज करने के लिए MDS ओरल योग्यता वाले डेंटल सर्जनों को इसमें पंजीकृत किया गया है। पहले, इन डॉक्टरों के पास सीटें थीं, जो अज्ञात कारणों से बंद हो गई थीं। इसलिए, मैं आपसे निवेदन करता हूँ कि भले ही देश में कैंसर का इलाज करने वाले डॉक्टरों की कमी है, सर्जिकल ऑन्कोलॉजी में फेलोशिप प्राप्त इन डॉक्टरों को भी PMJAY योजना के तहत मान्यता दी जानी चाहिए ताकि वे कैंसर रोगियों का इलाज कर सकें। मंत्री ने भी सकारात्मक प्रतिक्रिया देकर इसे कम करने का आश्वासन दिया